नारकंडा से बागवानो के 6 करोड़ हड़पने के आरोपी जेजेएफ फर्म दिल्ली के 2 आढ़तियों को सी. आई.डी. ने दबोचा 

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कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत, 6 मार्च तक जांच करनी होगी ज्वाइन, सहयोग न देने पर गिरफ्तारी संभव

कई आरोपियों को पकड़ने के लिए महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश में अनेक ठिकानों पर चलाया जा रहा सर्च अभियान

शिमला

हर वर्ष सेब कारोबार में हिमाचल दे बागवानो के साथ ठगी के मामले पेश आते है जिसे देखते हुए पिछले कुछ वर्षो से पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है | सेब बागवानों के गाढ़े खून-पसीने की कमाई डकारने वाले आढ़तियों पर अब कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। हिमाचल सी. आई.डी. की कई टीमों ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश में कई ठिकानों पर दबिश दी है। इस दौरान 2 फरार आढ़तियों को ढूंढ निकालने में कामयाबी मिली। इसके लिए दिल्ली और हरियाणा के सोनीपत में छापेमारी की गई लेकिन दोनों आरोपी भाइयों ने कोर्ट से अंतरिम जमानत ले ली है। कोर्ट ने इन्हें जांच ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं।

सी. आई.डी. ने आरोपियों को अब 6 मार्च तक बागवानों की हड़पी गई करीब 6 करोड़ की धनराशि लौटाने को कहा है। अंतरिम जमानत के दौरान आरोपियों को जांच में पूरा सहयोग करना होगा।

आरोपियों के नाम संजय त्यागी और दीपक त्यागी हैं। इन्होंने वर्ष 2021 में जे. जे. एफ. फर्म बनाई । नारकंडा में 150 बागवानों से सेब तो खरीद लिया, पर करोड़ों रुपए नहीं दिए। ये काफी समय से हिमाचल से फरार चल रहे थे। कभी आगरा, कभी सोनीपत को कभी दिल्ली रहते थे। दिल्ली में आढ़त भी चलाते थे। बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए कई राज्यों में छापेमारी की कार्रवाई चल रही है।

60 आढ़ती स्टेट सी. आई.डी. की एस.आई.टी. के राडार पर आ गए हैं। आरोप है इन आढ़तियों, कारोबारियों ने 60 करोड़ से अधिक की मोटी धनराशि हड़पी है। पिछले दिनों भी सी. आई.डी. ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों का रुख किया था। ये बार-बार अपना ठिकाना बदल रहे हैं। डिफाल्टर घोषित होने से बचने और पकड़ में न आने को अपनी फर्मों का नाम बदल देते हैं। कहीं अपने नाम तो कहीं परिवार वालों के नाम से कारोबार करने लगे हैं।

 

 

फरार आरोपी आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार, मध्यप्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यों के हैं। इसके अलावा कइयों का संबंध हिमाचल प्रदेश से है। राज्य के आरोपी आढ़ती यहां से तो फरार चल रहे हैं, लेकिन दूसरे राज्यों में फलों का कारोबार कर रहे हैं।

 

पिछले काफी समय में सेब बागवानों के गाढ़े खून-पसीने की कमाई पर डाका डालने के मामले में सी. आई.डी. की एस.आई.टी. जांच कर रही है। अब तक 145 एफ.आई.आर. दर्ज हैं। इनमें से 90 से अधिक मामलों में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हो चुकी है जिनमें डकारी गई धनराशि रिकवर हुई है, उनमें क्लोजर रिपोर्ट बनाई गई। सी. आई.डी. प्रभावितों को 25 करोड़ से अधिक की धनराशि रिकवर करवाने में सफल रही है। जबकि मौखिक शिकायतों के आधार पर भी इतनी ही धनराशि रिकवर हुई है। इन मामलों में 40 से अधिक आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

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