हिमाचल और जम्मू कश्मीर के बागवान 4 अप्रैल को जंतर-मंतर पर देंगे धरना

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शिमला

हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर का सेब उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। इसे बचाने के लिए बागवान बीते साल ढाई महीने तक लंबा आंदोलन लड़ चुके हैं। अब बागवान दिल्ली के जंतर-मंतर का रुख करने जा रहे हैं। एपल फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयोजक सोहन ठाकुर ने बताया कि हिमाचल और जम्मू कश्मीर के बागवान 4 अप्रैल को जंतर-मंतर पर धरना देंगे। इस दौरान सेब की बागवानी पर आए संकट को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेब पर बीते 3 सालों में इनपुट-कॉस्ट दोगुना हुई है। ऐसे वक्त में सरकार कृषि इनपुट पर सब्सिडी खत्म कर रही है। इससे खाद, बीज और दवाइयां किसानों और बागवानों की पहुंच से दूर हो रही हैं।सोहन ठाकुर ने बताया कि पहाड़ी राज्य हिमाचल, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के बागवान सालों से सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के बागवानों से 2 बार सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन आज तक इसे पूरा नहीं किया गया। इससे पहाड़ी राज्यों के सेब बागवान मुश्किल में हैं। दुनिया के 44 मुल्कों से थोक में सेब के आयात होने की वजह से हिमाचल और जम्मू कश्मीर के सेब बागवानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इससे सेब की खेती अब घाटे का सौदा साबित होने लगी है। सोहन ठाकुर ने बताया कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान जमीन बेदखली के आदेश वापस लेने, उचित किराए का निर्धारण, सिंगल यूज क्रेट को लागू करने, कृषि उपकरणों पर GST को खत्म करने जैसी मांगें भी उठाई जाएंगी।

 

 

 

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