फिर कंपनी के जाल में फंसे तो सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे हिमाचल के कंप्यूटर शिक्षक

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शिमला

कम्पनी राज मे फिर फसे तो शिमला पहुंचेंगे सभी कम्प्यूटर शिक्षक,

सड़को पर करेंगे प्रदर्शन

प्रदेश के सैकड़ो कम्प्यूटर शिक्षक खुद के लिए परेशान है न तो वेतन बढ़ने की कोई वात हो रही और न कोई अच्छी शर्ते सामने आ रही है अब मीडिया मे छपी खबरें सामने है कि चार पांच कम्पनिया अब इस क्षेत्र मे आएगी और कमीशन का खेल शुरू होगा, अब शिक्षक बड़े कदम उठाने को संगठन पर प्रेशर बना रहे वही मात्र कोरे आश्वासन कब तक जबकि 21sal की नौकरी ये शिक्षक कर चुके है और msc की योग्यता रखते है स्कूलों मे भी इनका मजाक बन रहा क्योंकि

शिक्षक इनके वेतन को लेकर और कम्पनी नियुक्ति के कारण कम आंकते है। संगठन के प्रेस सचिव राजेश शर्मा ने सीएम सुक्खू से गुहार लगाई है कि वो स्वयं इस मामले का संज्ञान ले और बैठक कर सही शर्ते लागु करे। उन्होंने मांग की है कि पुराने कोर्ट केस को निपटाया जाए और कंप्यूटर शिक्षक का वेतन बढ़ाया जाए।

भारी मानसिक तनाव मे मजबूर होकर नौकरी कर रहे कम्प्यूटर शिक्षक-राजेश शर्मा


(पहले ही बिना नीति के काम कर रहे शिक्षकों पर अब शफल होने का खतरा )
प्रदेश के सैकड़ो स्कूलों मे कम्प्यूटर शिक्षक आजकल भारी कम्पनी माध्यम से काम कर रहे कम्प्यूटर शिक्षक इन दिनों भारी तनाव मै है और सरकार इनके स्कूलों म पीजीटी की तैनाती कर रही है ऐसे म इन शिक्षकों को अब दूर के स्कूलों मै भेजनें का खतरा पैदा हो गया है, क्योंकि इनके स्कूलों मै 3-4शिक्षकों के लायक छात्र संख्या नहीं रही है दूसरी तरफ सैकड़ो स्कूलों मै पीजीटी आईपी नहीं है,
सरकार से nielit माध्यम से तैनात शिक्षकों ने मांग की है कि 22साल कि सेवा के वाद अब्बबवास खत्म हो और मामला सुलझाया जाए परिवार परेशान हुए है और खुद के बच्चे कि शिक्षा भी अच्छे से नहीं पा रही है, बीजेपी ने जहाँ कोर्ट मै मामले कि अनदेखी की है वही msc mca पास इन शिक्षकों को इस अजीब सी स्थति से बचाया जाए जहाँ नौकरी म अजीब सी परिस्थिति पैदा हो रही और 22 साल बाद भी 1300 शिक्षक 14000 वेतन लेने को मजबूर है।

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