राष्ट्रिय कृषि अनुसंधान परिषद ने डिंपल पांजटा को कृषि बागवानी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ उद्यमी के रुप में नवाजा

Spread the love

शिमला।

शिमला जिले के रोहडू के बराल के रहने वाले प्रगतिशील बागवान डिंपल पांजटा को कृषि के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ उद्यûमी पुरस्कार से नवाजा गया है। आईसीएआर (राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद) पूसा के नई दिल्ली स्थित एपी शिंदे सभागार में आयोजित 7वें राष्ट्रीय कृषि अधिवेशन में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने डिंपल को पुरस्कृत किया गया। अधिवेशन का विषय ‘स्वावलंबी कृषि, आत्म निर्भर भारत’ रखा गया था। अपने संबोधन में डिंपल पांजटा ने कहा कि सेब बागवानी ने हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाया है। हिमाचल के बागवान हजारों लोगों को रोजगार दे रहे हैं। हर बागवान अपने बगीचे में साल भर के लिए औसतन 4 से 6 लोगों को काम पर रखता है, जबकि सीजन के समय 10 से 15 लोग काम पर रखे जाते हैं। उन्होंने कहा कि एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के जरिये सेब को

बिना बिचौलियों के देश के प्रत्येक राज्य में सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। डिंपल पांजटा हिमालयन सोसायटी फॉर हार्टिकल्चर एंड एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के अध्यक्ष हैं, साथ ही डॉ. वाईएस परमार बागवानी विश्वविद्यालय बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य भी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *