जिसकी भक्ति और पूजा करे उसका ज्ञान भी जरूरी

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मानव जीवन का मूल लक्ष्य प्रभु प्राप्ति है

जिसकी भक्ति जिसकी पूजा उसका ज्ञान जरूरी है

  1. ठियोग 11 जून 2023

मानव जीवन का मूल लक्ष्य प्रभु प्राप्ति है, भगवान अंग संग होने के बावजूद भी अदृश्य है, परंतु सद्गुरू ़द्वारा प्रदान बह्मज्ञान के उपरांत ये भेद समाप्त हो जाता है और परमात्मा की अनुभती होने के बाद चारों ओर नजर आने लगता है।

यह संदेश नेहरू मैदान ठियोग में संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोेजित जोनल संत समागम में मिशन के केंद्रीय प्रचारक एवं संत निरकांरी मण्डल कें केंदीय योजना एवं सलाहकार वोर्ड के संयोजक श्री एस एल गर्ग जी ़द्व़ारा दिया गया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति के बाद जीवन में स्थिरता आती है और समस्त दैवी गुणों का उपार्जन होता है। जीवन में अगर चैन सुकून और प्रीत प्यार चाहिए तो हर पल परमात्मा के अहसास में जिएं। उन्होंने बताया कि जिसकी पूजा कर रहे है उसकी पहचान जरूरी करना जरूरी है। अर्जन ने भी भगवान श्री कृष्ण का सखा माना लेकिन जब कुरूक्षेत्र के मैदान में अपना विराट स्वरूप दिखाया तो अजुन ने कहा तेरे दाय नमस्कार तेरे दाय नमस्कार तेरे चारों ओर नमस्कार।

इस अवसर पर शिमला जोन की विभिन्न ब्रांचों से आए वक्ताओं, गीतकारों व कवियों ने अपनी अपनी रचनाओं से मिशन का कल्याणकारी संदेश दिया। शिमला के जोनल इंचार्ज श्री कैप्टन एन पी एस भुल्लर जी ने समस्त साध संगत की ओर से श्री एस एल गर्ग जी का पारम्परिक तरीके से स्वागत एवं धन्यवाद किया।

इस अवसर पर नगर परिषद ठियोग के चेयरमैन विवेक थापर, पार्षद अनिल ग्रोवर व नितू मेहता सम्मलित हुए।

 

 

 

 

 

 

 

 

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