पेटी में जितने किलो सेब होगा पूरे मिलेंगे पैसे, दो किलो की काट पर क्या बोले बागवानी मंत्री

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शिमला

जितने किलो सेब, उसी हिसाब से पेमेंट, 24 किलो की पैकिंग और दो किलो की कटौती पर बागबानी मंत्री ने किया स्पष्ट*

 

 

प्रदेश में सेब की 24 किलो की पैकिंग और दो किलो की कटौती पर बागबानी मंत्री ने किया स्पष्ट

 

हिमाचल प्रदेश सेब की 24 किलो की पैकिंग और दो किलो की कटौती पर बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने अपना रुख सपष्ट किया है। शिमला में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब सेब किलो के हिसाब से ही बिकेगा, जितने किलो का सेब होगा, उसी हिसाब से ही बागबानों को पेमेंट की जाएगी। मंडियों में हो रही दो किलो की कटौती पर उन्होंने कहा कि सेब पर कोई कटौती नहीं हो रही है। बागबानी मंत्री ने बताया कि बारदाने के वजन को हटाकर जितने किलो का सेब होगा, उतने ही किलो की बागबानों को पेंमेंट की जाएगी। बागबानी मंत्री जगह सिंह नेगी ने साफ किया है कि मंडियों में सेब किलो के हिसाब से ही बिकेगा।

सेब की एक पेटी का अधिकतम वजन सरकार की ओर से 24 किलो निर्धारित किया गया है। अगर यूनिवर्सल ग्रेडिंग के हिसाब के अनुसार सेब की पैकिंग की जाए, तो इतना ही वजन आएगा, लेकिन कई बागबानों की पेटी का वजन कम ज्यादा हो रहा है। ऐसे में इस बंदिश पर सरकार पुर्नविचार करेगी। अगर 24 किलो से भी ज्यादा किलो के वजन की पेटी है, तो बारदाने के वजन को काटकर सेब के वजन के अनुसार बागबानों को पैसा देना पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं होता है, तो फिर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दो किलो की कटौती पर उन्होंने कहा कि दो या डेढ़ किलो की कटौती बारदाने यानी पैकिंग मैटीरियिल की की जा रही है। सेब के पूरे पैसे बागबानों को दिए जा रहे हैं। दूसरी ओर सेब की 24 किलो की पेटी पर दो किलो की कटौती पर घमासान अभी भी जारी है। एक ओर जहां बागबान इसका विरोध कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ आढ़तियों का कहना है कि दो किलो की कटौती जायज है। बागबानों का कहना है कि दो किलो की कटौती सही नहीं है।

दो किलो कटौती सही नहीं

भट्टाकुफर फल मंडी में सेब बेचने आए बागबानों ने बताया कि दो किलो की कटौती नाजायज है। अगर सब्जियों की बात करते सब्जियों को बोरियां किसानों को वापस मिलती हैं, टमाटर की क्रेट भी बागबानों को वापस मिलती हैं, लेकिन यहां कार्टन तो बागबानों को वापस नहीं मिल रहा है और कार्टन खरीददार ले जा रहे हैं, लेकिन इसके लिए बागबानों ने जो पैसे दिए हैं, उसकी भरपाई कैसे होगी।

तैयारियों पर होगी बैठक

प्रदेश सचिवालय में आज सचिवालय में सेब सीजन की तैयारियों को लेकर बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें सेब सीजन से संबंधित सभी विभाग शामिल रहेंगे। इसमें एचपीएमससी, मार्केटिंग बोर्ड, एपीएमसी, हिमफैड, लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे।लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे।

मंत्री के बयान से खुश नहीं बागबान

शिमला — सेब की एक किलो की पेटी पर बारदाने के वजन के नाम पर हो रही कटौती पर संग्राम जारी है। एक ओर जहां बागबानी मंत्री ने शिमला में मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि बागवानों को सेब का पूरा पैसा मिल रहा है। कटौती बारदाने की हो रही है। बारदाने के वजन का बागबानों को पैसा नहीं मिलेगा। वहीं, सेब बागबान मंत्री के इस बयान से खुश नहीं है। बागबानों का कहना है कि बारदाने के वजन के नाम पर हो रही कटौती बदाशर््त नहीं होगी। सरकार जल्द ही इस मसले का हल निकाले। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान का कहना है कि बाजार में जितने भी उत्पाद बिकते हैं। उनके रेट में पैकिंग मेटिरियल का वजन भी शामिल होता है। चाहे चिप्स के पैकेट के बात करे या फिर चाय पत्ती के बॉक्स की। चिप्स के साथ-साथ ग्राहक को पैकेट के पैसे भी देने पड़ते हैं।

 

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