चिडगाव में फटा बादल, मलवे में लापता हुए दादा दादी और पोता

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शिमला

 

शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के चिड़गांव

की उपतहसील जांगला डिसवाणी पंचायत के जगोटी में बादल फटने से स्थानीय लैला खड में बाढ़ आ गई। बीती रात बादल फटने से एक भोजनालय ढह गया।

इसमें रह रहे तीन लोग मलबे में दबकर लापता हो गए हैं। इनमें दादा-दादी और पोता शामिल है। इनकी पहचान रोशन लाल (62), उनकी पत्नी भागा देवी (57), और पोता (11) कार्तिक के रूप में हुई है।

 

 

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेक्यू शुरू कर दिया है। अभी तक लापता लोगों का सुराग नहीं लग पाया है। बादल फटने से इलाके में भारी नुकसान होने की आंशका है। इसका आंकलन किया जा रहा है।

 

चिड़गांव के नायब तहसीलदार सौरभ धीमान ने कहा कि ढाबे के ढह जाने से इसके मलबे में एक परिवार के तीन लोग लापता हो गए हैं। इनमें दादा, दादी और पोता शामिल हैं।

 

इनकी तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की वजह से पांच गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। इलाके में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

 

बता दें कि राज्य में भूस्खलन से 600 से अधिक सड़कें बंद हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं और कई जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित चल रही हैं।

 

दो दिन पहले ही चिड़गांव के खाबल में एक कार के खाई में गिरने तीन लोगों की मौत हुई थी।

 

दो दिन भारी वर्षा का अलर्ट

 

मौसम विभाग ने अगले तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी गई है। चंबा, कांगड़ा, शिमला, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर, हमीरपुर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में तेज गर्जना के साथ भारी बारिश की संभावना है।

 

मौसम विभाग के मुताबिक 24 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। 26 जुलाई तक राज्य भर में मौसम खराब बना रहेगा। इस दौरान लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

 

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल के अनुसार 24 जुलाई तक राज्य में भारी बारिश हो सकती है। भारी बारिश के साथ-साथ भूस्खलन और फलैश फलड को लेकर भी संभावना जताई गई है।

 

भूस्खलन से कई सड़कें व राजमार्ग भी बंद हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है।

 

मानसून सीजन में 138 लोगों की गई जान

 

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और अब तक वर्षा जनित हादसों में 138 लोग मारे गए हैं।

 

इनमें भूस्खलन और बाढ़ की चपेट में आने से 38 लोगों ने जान गंवाई जबकि अन्य हादसों में 99 लोगों की मौत हुई। 12 लोग हादसों में लापता हैं।

 

मानसून सीजन में 586 घर धराशायी हुए जबकि 5030 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा।

 

इसके अलावा 234 दुकानें और 1500 पशुशालाएं भी ध्वस्त हुईं। राज्य में बीते चार सप्ताह में भूस्खलन की 65 और फलैश फलड की 46 घटनाएं सामने आई हैं।

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