अली खड्ड पानी बचाओ आंदोलन में अब ग्रामीण महिलाओं ने संभाला मोर्चा, महीला मंडलों की महिलाएं हर रोज बैठेगी क्रमिक अनशन पर

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बिलासपुर

 

अली खड्ड बचाओ संघर्ष समिति क्रमिक अनशन पर सोमवार को रीमा देवी, लता देवी, अंजू देवी, सुलोचना, अंजना, कौशल्या, तृपता, नीरो देवी, मनोरमा देवी, शीतल देवी, नीलम, लता, शीला देवी क्रमिक अनशन पर बैठी हैं और सभी मातृशक्ति ने बिलासपुर जिला की सभी प्रभावित पंचायत के लोगों महिला मंडल वार्ड सदस्य से आह्वान किया कि हर पंचायत की महिलाएं, दुग्ध उत्पादक व महिला मंडल रोज क्रमिक अनशन पर बैठकर आंदोलन को मजबूत करें,

 

सभी मातृ शक्ति ने हिमाचल प्रदेश सरकार समय रहते इस पानी की योजना को रद्द करें ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए अली खड्ड के पानी को बचाया जा सके,

 

आज आंदोलन में प्रमुख रूप से श्री नैना देवी जी के विधायक रणधीर शर्मा भी पहुंचे उन्होंने आश्वासन दिया कि वह सरकार से विधानसभा में संघर्ष समिति में शामिल लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ महिलाओं और शांतिप्रिय आंदोलन कर रहे लोगों पर दर्ज की गए मुकदमो को वापस लेने के लिए बात करेंगे,

 

पूर्व विधायक के के कौशल ने भी किसानों को अपना समर्थन जारी कर कहा कि जब वह 1992 में विधायक थे तो उसमें भी अंबुजा यहां से पानी उठाना चाहती थी लेकिन क्षेत्र की जनता और उन्होंने यहां से पानी नहीं जाने दिया था क्योंकि प्राकृतिक संपदा बेचने वाली कंपनी आम जनता के पानी को उठाकर सूखाग्रस्त कर लोगों की जमीन और खेती को बर्बाद करना चाहती थी जो की पूर्णता न्यायोचित नहीं है,

 

उन्होने कहा की अली खड्ड बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले जारी गैर राजनैतिक आंदोलन कर रहे किसानों को पुलिस और प्रशासनिक तथा राजनीतिक दबाव के माध्यम से कुचलना के प्रयासों की भर्त्सना की और सरकार को आगाह किया कि सभी 50 प्रभावित पंचायतो में घर-घर व गांव-गांव जाकर लोगों को पानी बचाओ आंदोलन से जुड़ने और अलीखड्ड से उठाई जाने वाली प्रस्तावित योजना का विरोध करने के लिए लामबंद करने का काम करेंगे,

 

जिला बिलासपुर के सभी पार्टियों के नेताओं से आंदोलन में जुड़कर सरकार पर दबाव बनाकर लोगों के परिवारों खेती को उजाड़ने से बचने के लिए आगे आगे आने के लिए साधुवाद दिया,

उन्होंने कहा कि कल विधानसभा में पूर्व विधायकों की बैठक में भी इस विषय को गंभीरता से उठाया जाएगा,

 

संघर्ष समिति के अध्यक्ष रजनीश शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा हुआ है लेकिन सभी राजनीतिक विचारधाराओं के लोग इस आंदोलन में हैं और हम अपील करते हैं कि सभी राजनीतिक पार्टियों के वरिष्ठ नेता सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि इस मसले को अपने-अपने स्तर पर विधानसभा के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष रखें, और साथ ही आंदोलनरत और क्रमिक अनशन पर बैठे किसानों का साथ देने के लिए आंदोलन स्थल त्रिवेणी घाट में पहुंचे,

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