जगत नेगी दे रहे राक्षसी प्रवृत्ति का उदाहरण, हमेशा मातृशक्ति पर रखते हैं कुदृष्टि : राकेश जम्वाल

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मंडी

जगत नेगी दे रहे राक्षसी प्रवृत्ति का उदाहरण, हमेशा मातृशक्ति पर रखते हैं कुदृष्टि : राकेश जम्वाल

महिलाओं के प्रति दूषित मानसिकता से ग्रस्त है जगत नेगी

ख़ुद हॉलीलॉज की घास चरते थे इसीलिए नेगी जी को याद आते हैं नंदी

डेढ़ साल सरकार चलाने के बाद, मुद्दों के बजाय मेकअप और पहनावे पर बात करना शर्मनाक

मण्डी : भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महिलाओं के प्रति दूषित मानसिकता से ग्रस्त हैं। इसलिए वह मातृशक्ति के प्रति भद्दे-भद्दे कमेंट कर रहे हैं। दुख इस बात का है कि कांग्रेस सरकार और संगठन के किसी भी नेता ने उन्हें इस तरह की बेहूदा बातें करने से नहीं रोका। जबकि कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष स्वयं एक महिला हैं। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल से कांग्रेस सरकार सत्ता में हैं, कांग्रेस प्रत्याशी के परिवार से ही छह बार हिमाचल के मुख्यमंत्री और छह बार मण्डी से सांसद रहे, लेकिन कांग्रेस के नेता चुनाव में मुद्दे की बजाय मेकअप पर बात कर रहे हैं। महिलाओं को क्या करना है, क्या नहीं इसके लिए अब कांग्रेस के नेताओं से इजाज़त लेनी पड़ेगी। वह अपनी राक्षसी सोच अपने पास रखें।

जम्वाल ने कहा कि आज कल राजस्व मंत्री को नंदी बाबा खूब याद आ रहे हैं, वह नेता प्रतिपक्ष के बारे में अभद्र बातें कह रहे हैं, नंदी महाराज हमारी देव संस्कृति का अभिन्न हैं, भगवान शिव से पहले उनके दर्शन करना सौभाग्य माना जाता है। लेकिन हॉलीलॉज की घास चुगने वाले जगत नेगी को हमें नसीहत देने की ज़रूरत नहीं हैं। वह यह बताए कि हॉलीलॉज की घास सूख जाने के बाद वह आज कल नादौन के लॉन की घास क्यों चुग रहे हैं।

राकेश जम्वाल ने कहा कि भाजपा पूरे देश में मुद्दों के आधार पर लड़ रही है जबकि कांग्रेस पार्टी बेहूदा बयानों पर चुनाव लड़ना चाहती है। यह पूरा देश जानता है कि कांग्रेस के पास न नेता है, न नीति और न ही नीयत लेकिन अब वह सामान्य शिष्टाचार भी भूल गई है। उन्होंने कहा कि जगत नेगी और कांग्रेस के नेता महिलाओं के प्रति अपनी राक्षसी सोच को बदले। मातृशक्ति का अपमान शक्ति का अपमान है, माँ दुर्गा का अपमान है। राहुल गांधी ने शक्ति का अपमान किया है। जगत नेगी की ही पार्टी लाइन पर आगे बढ़ रहे हैं। वह अपनी इन हरकतों से बाज आए क्योंकि यह हिमाचल की संस्कृति नहीं

है।

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